फर्रुखाबाद
थाना जहानगंज क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पतौजा में 29 मार्च की रात एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने इलाके में आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। गांव निवासी तबस्सुम बेगम पत्नी हामिद अली की गाय संदिग्ध परिस्थितियों में चोरी हो गई। पीड़ित परिवार द्वारा काफी खोजबीन की गई, लेकिन गाय का कोई सुराग नहीं लग सका।
मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े स्थानीय नेता अंकुल गुप्ता ने इस प्रकरण में सक्रियता दिखाते हुए गहन स्तर पर जांच पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि घटना की रात जरारी निवासी सलमान कुरेशी को गांव के आसपास संदिग्ध हालत में देखा गया था। इसके बाद गोकशी की आशंका और गहराती चली गई।
सूत्रों और स्थानीय लोगों के अनुसार आगे की पड़ताल में यह जानकारी सामने आई कि गांव के ही निवासी मोहम्मद उमर, मोहम्मद चांद मियां और शान मोहम्मद पर गाय को मारकर ठिकाने लगाने का संदेह है। इस जानकारी के बाद तत्काल इसकी सूचना थाना जहानगंज पुलिस को दी गई।
अंकुल गुप्ता के अनुसार सूचना मिलने पर थाना पुलिस के आरक्षी सोनू और अनुज गांव पहुंचे, लेकिन तब तक नामजद आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी है और न ही गाय चोरी अथवा गोकशी के संबंध में कोई मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
इस पूरे प्रकरण को लेकर स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि पुलिस मामले को गंभीरता से लेने के बजाय टालमटोल कर रही है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
जब इस संबंध में थाना अध्यक्ष राजेश राय से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उनसे बात नहीं हो सकी। पुलिस की चुप्पी और कार्रवाई में देरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना यह होगा कि पुलिस इस संवेदनशील मामले में कब तक सख्त कदम उठाती है और आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाती है या नहीं। फिलहाल गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


