– मरीजों का डेटा एक पोर्टल पर सुरक्षित रखने की तैयारी, बीमारी के क्षेत्रवार आंकड़े मिल सकेंगे
लखनऊ। देशभर के मेडिकल कॉलेजों को लेकर नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने नया निर्देश जारी किया है। इसके तहत सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों से HFR ID (हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन आईडी) का पूरा विवरण मांगा गया है।
आयोग ने मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य और डीन को निर्देश दिया है कि वे अपने संस्थान से संबंधित सभी जरूरी जानकारी 7 दिनों के भीतर उपलब्ध कराकर रिपोर्ट भेजें। इस प्रक्रिया के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं का डेटा एकीकृत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि इस व्यवस्था के तहत मरीजों से संबंधित पूरा स्वास्थ्य डेटा एक डिजिटल पोर्टल पर सुरक्षित रखा जाएगा। इससे स्वास्थ्य विभाग और सरकार को बीमारियों से जुड़ी सटीक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रणाली के लागू होने से यह पता लगाना आसान हो जाएगा कि किस इलाके में कौन-सी बीमारी ज्यादा फैल रही है। इससे समय रहते स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर योजना बनाना और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना आसान होगा।
माना जा रहा है कि डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड प्रणाली लागू होने से स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। साथ ही मरीजों के इलाज से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रहने से भविष्य में उपचार की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित हो।
मेडिकल कॉलेजों से HFR ID का विवरण मांगा, 7 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश


