शमशाबाद (फर्रुखाबाद): प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोशनाबाद में ड्यूटी पर तैनात वार्ड बॉय के साथ मारपीट, काटने, पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी की गंभीर घटना सामने आई है। आरोप है कि घटना को 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद शमशाबाद थाना पुलिस ने अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है। इससे स्वास्थ्यकर्मियों में भय और आक्रोश का माहौल है।
ब्लड प्रेशर जांच को लेकर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर लगभग 2 बजे जीशान नाम का युवक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोशनाबाद पहुंचा और उपस्थित वार्ड बॉय से ब्लड प्रेशर जांच करने को कहा। बताया गया है कि वार्ड बॉय ने उसे कुछ देर रुकने के लिए कहा, जिस पर आरोपी भड़क गया। आरोप है कि उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते हाथापाई पर उतारू हो गया।
वार्ड बॉय को काटने का आरोप
शिकायती पत्र के मुताबिक, हमलावर ने वार्ड बॉय के साथ मारपीट की और उसे काट भी लिया। हमले से घबराकर वार्ड बॉय किसी तरह जान बचाकर एक कमरे में छिप गया। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने अस्पताल परिसर में पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे खिड़कियों के शीशे टूट गए।
दरवाजा तोड़कर आगजनी, दवाइयां जलीं
घटना यहीं नहीं रुकी। आरोप है कि आरोपी ने दरवाजा तोड़कर अंदर आगजनी की, जिससे जीवन रक्षक दवाइयां जलकर नष्ट हो गईं। अस्पताल में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। शोर-शराबा सुनकर जब तक आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक आरोपी जानमाल की धमकी देता हुआ फरार हो चुका था।
पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
घटना के बाद वार्ड बॉय ने आरोपी जीशान के खिलाफ शमशाबाद थाना पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि आरोप है कि तहरीर दिए जाने के बावजूद अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। इससे स्वास्थ्यकर्मियों में दहशत का माहौल व्याप्त है।
सीएमओ को भेजा गया शिकायती पत्र
फार्मासिस्ट शैलेंद्र कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) फर्रुखाबाद को शिकायती पत्र भेजकर आरोपी के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि कार्रवाई न होने से कर्मचारी भयभीत हैं और राजकीय कार्य प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि घटना की सूचना सीएचसी शमशाबाद के प्रभारी को भी दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
सरकारी अस्पताल में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।


