रायपुर। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर शनिवार की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने एयरपोर्ट पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। राज्य के रजत जयंती वर्ष पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री मोदी ने हिस्सा लिया और राज्यवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा हमारे यहां कहा जाता है ‘आचारः परमो धर्म, आचारः परमं तपः, आचारः परमं ज्ञानम्’। यानी आचरण ही सबसे बड़ा धर्म है, सबसे बड़ा तप है, और सबसे बड़ा ज्ञान है। बदलाव तभी आता है जब कथन को आचरण में उतारा जाए। यही ब्रह्माकुमारी संस्था की आध्यात्मिक शक्ति का स्रोत है।उन्होंने कहा कि राज्य के विकास से देश के विकास का मंत्र लेकर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में केंद्र सरकार लगातार प्रयासरत है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने ब्रह्माकुमारी संस्था के आध्यात्मिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे इस संस्था से दशकों से जुड़े हैं —मैं यहां अतिथि नहीं हूं, मैं आपका ही हूं। मैंने हमेशा देखा है कि यहां शब्द कम और सेवा ज्यादा है।प्रधानमंत्री मोदी ने नवा रायपुर में ब्रह्माकुमारी संस्था के ‘शांति शिखर’ का उद्घाटन किया। यह केंद्र आध्यात्मिक शिक्षा, शांति और ध्यान का आधुनिक केंद्र बताया जा रहा है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन विशेष है, क्योंकि छत्तीसगढ़ के साथ ही झारखंड और उत्तराखंड भी अपने 25 वर्ष पूरे कर रहे हैं। उन्होंने सभी राज्यों के नागरिकों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ समारोह में हिस्सा लिया और जन्मजात हृदय रोगों से स्वस्थ हुए 2500 बच्चों से संवाद किया।प्रधानमंत्री ने नवा रायपुर में रोड शो भी किया, जिसमें लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। राज्य स्थापना दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर पर रायपुर में पूरे दिन उल्लास और उत्साह का माहौल बना रहा।
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, किया ‘शांति शिखर’ का उद्घाटन कहा,आचरण ही सबसे बड़ा धर्म


