लखनऊ: राजस्व मामलों में लापरवाही और उदासीनता को लेकर योगी सरकार (Yogi government) ने कड़ी कार्रवाई की है। राजस्व अदालतों में लंबित वादों के समयबद्ध निस्तारण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मंगलवार को राजस्व परिषद ने पांच तहसीलदारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (suspended) कर दिया है, जबकि 13 तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई बीते 7 सितंबर को हुई सभी राजस्व न्यायालयों में दाखिल वादों के आधार पर की गई है।
निलंबित किए गए अधिकारियों में अमित यादव तहसीलदार संडीला हरदोई, कृष्ण कुमार मिश्रा तहसीलदार देवरिया, सौरभ कुमार तहसीलदार जौनपुर, रंजन वर्मा तत्कालीन नायब तहसीलदार अयोध्या व सम्प्रति तहसीलदार गाजीपुर और अलख शुक्ला तहसीलदार जनपद प्रतापगढ़ शामिल हैं। इससे पहले 1 सितंबर को भी चार तहसीलदारों और एक नायब तहसीलदार को निलंबित किया गया था।
वादों के निस्तारण में बरती गई लापरवाही के दृष्टिगत 13 तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें चंद्रशेखर वर्मा तत्कालीन तहसीलदार देवरिया व सम्प्रति तहसीलदार गोरखपुर, गोपाल तत्कालीन नायब तहसीलदार देवरिया व सम्प्रति नायब तहसीलदार कुशीनगर, रविरंजन कश्यप तहसीलदार जौनपुर, राकेश कुमार तत्कालीन तहसीलदार जौनपुर व सम्प्रति तहसीलदार बलरामपुर, कविता ठाकुर तत्कालीन तहसीलदार बाराबंकी व सम्प्रति तहसीलदार गोंडा, देवानन्द तिवारी तत्कालीन तहसीलदार सुल्तानपुर व सम्प्रति तहसीलदार फिरोजाबाद, स्नेहल वर्मा तत्कालीन नायब तहसीलदार अयोध्या व सम्प्रति नायब तहसीलदार लखनऊ, राहुल सिंह तहसीलदार अमेठी, अनिल कुमार तहसीलदार प्रतापगढ़, यजुवेन्द्र सिंह नायब तहसीलदार लखनऊ, सुखवीर सिंह नायब तहसीलदार लखनऊ, रमाशंकर मिश्रा नायब तहसीलदार रायबरेली और शार्द सिंह तहसीलदार लखनऊ शामिल हैं।
राजस्व परिषद की ओर से इन अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की जा रही है। मामलों में जवाबदेही निर्धारित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राजस्व परिषद ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई सिर्फ एक बार होने वाली कार्रवाई नहीं, बल्कि प्रक्रिया का हिस्सा है।


