नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर चंद्रशेखर आज़ाद ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान सामने आए दृश्यों की तुलना जलियांवाला बाग की घटना से करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा, “जंतर-मंतर का दृश्य देखकर जलियांवाला बाग की याद आ गई। शांतिपूर्ण विरोध करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।” उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने वाले छात्रों और युवाओं के साथ बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहा है। ऐसे में सरकार का दायित्व है कि वह छात्रों की बात सुने और संवाद के माध्यम से समाधान निकाले, न कि विरोध को बलपूर्वक दबाने का प्रयास करे।
आजाद ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का अधिकार देता है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से छात्रों के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाने तथा उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।


