नई दिल्ली। राजधानी में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों की आवाज़ को दबाना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से तत्काल छात्रों की मांगों पर चर्चा करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेने की मांग की।
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने बयान में कहा, “लोकतंत्र को बहाल करो। युवाओं की पीड़ा का कौन ज़िम्मेदार? सरकार तुरंत इस मुद्दे पर चर्चा करे। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाए। हमारे बच्चों को न्याय चाहिए, दमन नहीं।”
खरगे ने आरोप लगाया कि देश का युवा वर्ग शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर लंबे समय से परेशान है, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय विरोध प्रदर्शनों को बलपूर्वक दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और छात्रों की आवाज़ को सुनना सरकार की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों की मांगों को राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि उनके भविष्य और देश के विकास से जुड़े मुद्दे के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि छात्र अपनी समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरने को मजबूर हैं, तो यह शिक्षा व्यवस्था और सरकारी नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि छात्रों के प्रतिनिधियों से तत्काल वार्ता कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाए। साथ ही संसद में इस पूरे मामले पर विस्तृत चर्चा कराई जाए, ताकि देश के युवाओं को यह भरोसा मिल सके कि उनकी आवाज़ लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुनी जा रही है।


