पूर्ति निरीक्षक अमृतपुर की जांच में खुली गड़बड़ियों की परतें, जिला पूर्ति अधिकारी ने दिखाई सख्ती
अमृतपुर/फर्रुखाबाद
गरीबों के हक के राशन में गड़बड़ी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विकासखंड राजेपुर की ग्राम पंचायत कोला सोता के उचित दर विक्रेता अवधेश सिंह पर कड़ा शिकंजा कस दिया है। शिकायत मिलने पर पूर्ति निरीक्षक, अमृतपुर द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच की गई, जिसमें खाद्यान्न वितरण में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने उचित दर दुकान का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है।जिला पूर्ति अधिकारी, फर्रुखाबाद द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जांच में पाया गया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आवंटित खाद्यान्न में 41.728 क्विंटल गेहूं, 76.357 क्विंटल चावल, 99 किलोग्राम चीनी, 11.45 क्विंटल मक्का तथा 28.80 क्विंटल बाजरा का वितरण नियमानुसार नहीं किया गया। जांच में खाद्यान्न की कालाबाजारी एवं अन्य वितरण संबंधी अनियमितताओं के साक्ष्य मिलने के बाद जिलाधिकारी की स्वीकृति से कठोर कार्रवाई की गई।कार्रवाई के तहत उचित दर विक्रेता अवधेश सिंह का अनुबंध निरस्त कर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत कोतवाली अमृतपुर में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराई गई है।साथ ही ग्राम पंचायत कुबेरपुर कुडरा के विक्रेता श्री चंद्र प्रकाश त्रिपाठी की दुकान से संबंध किया गया है।जिला पूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनपद के सभी राशन विक्रेता शासन की गाइडलाइन के अनुरूप पात्र लाभार्थियों को समय से और पूरी मात्रा में खाद्यान्न वितरित करना सुनिश्चित करें। यदि किसी भी उचित दर विक्रेता के विरुद्ध कालाबाजारी, राशन वितरण में गड़बड़ी अथवा अन्य अनियमितता की शिकायत सही पाई जाती है तो उसके खिलाफ अनुबंध निरस्तीकरण, एफआईआर और विभागीय कार्रवाई सहित कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।इस कार्रवाई से जनपद के उचित दर विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि गरीबों के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।


