लखनऊ। रिटायर्ड एआरटीओ ललित कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। विजिलेंस की छापेमारी के बाद अब आयकर विभाग भी सक्रिय हो गया है। विजिलेंस ने अपनी जांच रिपोर्ट आयकर विभाग को भेज दी है, जिसके आधार पर वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की विस्तृत जांच की जाएगी।
जांच के दौरान बरामद सोना-चांदी को सरकारी प्रक्रिया के तहत कोषागार के लॉकर में सुरक्षित जमा करा दिया गया है। वहीं, विजिलेंस ने कार्रवाई के दौरान बरामद 1.62 करोड़ रुपये संबंधित बैंक खाते में जमा करा दिए हैं।
प्राथमिक जांच में ललित कुमार के पास 35 करोड़ रुपये से अधिक की चल एवं अचल संपत्ति होने की जानकारी सामने आई है। अब आयकर विभाग संपत्तियों के स्रोत, निवेश, बैंक खातों और आय के दस्तावेजों का मिलान करेगा।
सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में आय के वैध स्रोतों का संतोषजनक विवरण नहीं मिलता है तो आयकर अधिनियम और भ्रष्टाचार निरोधक कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। विजिलेंस और आयकर विभाग दोनों एजेंसियां मामले से जुड़े दस्तावेजों, निवेश और संपत्ति के रिकॉर्ड का गहन परीक्षण कर रही हैं।
यह मामला प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एक महत्वपूर्ण जांच माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर नए खुलासे और कानूनी कार्रवाई होने की संभावना है।


