35.2 C
Lucknow
Saturday, July 11, 2026

गंगापार की बेटी ने रचा स्वर्णिम इतिहास, राज्यपाल के हाथों मिला स्वर्ण पदक

Must read

 

अमृतपुर

एमए संस्कृत में सर्वोच्च अंक हासिल कर शान्या अग्निहोत्री ने बढ़ाया फर्रुखाबाद और अमृतपुर का गौरव, बेटियों के लिए बनी प्रेरणा कहते हैं कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती, बल्कि मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प ही सफलता की सबसे बड़ी पहचान होते हैं। इस कहावत को चरितार्थ करते हुए गंगापार क्षेत्र की होनहार बेटी शान्या अग्निहोत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर पूरे फर्रुखाबाद जनपद और अमृतपुर तहसील का नाम प्रदेशभर में गौरवान्वित किया है। उनकी इस सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का वातावरण है।फर्रुखाबाद शहर के बजरिया मोहल्ला निवासी एवं मूल रूप से ग्राम बालीपट्टी रानीगांव, तहसील अमृतपुर की रहने वाली शान्या अग्निहोत्री, पिता ओंकार अग्निहोत्री, ने बद्री विशाल महाविद्यालय से एमए संस्कृत की परीक्षा में विश्वविद्यालय स्तर पर सर्वोच्च अंक प्राप्त कर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया। यह उपलब्धि वर्षों की कठिन मेहनत, अनुशासन और शिक्षा के प्रति समर्पण का परिणाम है।
शान्या ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और विशेष रूप से प्रोफेसर अर्चना पांडे के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग ने उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचने का आत्मविश्वास दिया।
इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के 41वें दीक्षांत समारोह में शान्या को प्रतिष्ठित “डॉ. हरदत्त शास्त्री स्वर्ण पदक” से सम्मानित किया गया। समारोह में महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने उन्हें अपने कर-कमलों से स्वर्ण पदक प्रदान किया। जैसे ही शान्या ने मंच पर राज्यपाल से सम्मान प्राप्त किया, वह पल उनके परिवार, गुरुजनों और पूरे गंगापार क्षेत्र के लिए गौरव का अविस्मरणीय क्षण बन गया।
शान्या की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण अंचलों और सीमित संसाधनों वाले क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं भी अपनी प्रतिभा और कठिन परिश्रम के बल पर राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर पहचान बना सकते हैं। विशेष रूप से बाढ़ प्रभावित गंगापार क्षेत्र की बेटियों के लिए यह सफलता एक नई उम्मीद और प्रेरणा लेकर आई है। शिक्षा के क्षेत्र में उनका यह स्वर्णिम मुकाम आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का संदेश देता है।
स्वर्ण पदक मिलने की सूचना जैसे ही गांव और क्षेत्र में पहुंची, लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों, रिश्तेदारों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने शान्या का फूल-मालाओं से स्वागत किया, मिठाइयां बांटीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने कहा कि शान्या ने न केवल अपने परिवार का सम्मान बढ़ाया है, बल्कि पूरे फर्रुखाबाद और अमृतपुर का नाम भी शिक्षा के क्षेत्र में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा दिया है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि शान्या अग्निहोत्री की यह सफलता केवल एक स्वर्ण पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन हजारों छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता निश्चित रूप से कदम चूमती है। शान्या ने अपनी मेहनत और लगन से यह सिद्ध कर दिया है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, बल्कि अवसर मिलने पर वे देश और समाज का नाम रोशन करने की क्षमता रखती हैं।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article