वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के फ्रीज़ किए गए फंड का एक हिस्सा जारी होने के बाद उसका उपयोग अमेरिकी किसानों से गेहूं, मक्का (कॉर्न) और सोयाबीन खरीदने में किया जाएगा। ट्रंप के अनुसार यह धन अमेरिकी नियंत्रण वाले एस्क्रो तंत्र के जरिए केवल खाद्य और चिकित्सा आपूर्ति की खरीद पर खर्च होगा।
हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इस दावे पर आपत्ति जताई है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों के बीच हुए समझौते में अमेरिका से कृषि उत्पाद खरीदना अनिवार्य नहीं है। उनका कहना है कि ईरान अपनी जरूरत, कीमत और गुणवत्ता के आधार पर किसी भी देश से खरीदारी करने के लिए स्वतंत्र है।
यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो अमेरिकी किसानों को बड़ा निर्यात बाजार मिल सकता है। वहीं इसे हालिया अमेरिका-ईरान वार्ता और तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आर्थिक कदम माना जा रहा है। लेकिन फिलहाल इस मुद्दे पर दोनों देशों के दावों में स्पष्ट मतभेद बना हुआ है।


