एक्सपायरी इंजेक्शन, अधूरे रिकॉर्ड और मानकों की अनदेखी पर गिरी गाज
फर्रुखाबाद। नगर के बाबू जी गली स्थित नेहा नर्सिंग होम पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके ऑपरेशन थियेटर को सील कर दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने मंगलवार शाम औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी (नोडल निजी पंजीकृत चिकित्सालय) और सीओ सिटी अभय वर्मा की मौजूदगी में अस्पताल के विभिन्न अभिलेखों, चिकित्सा व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों की जांच की गई। टीम के पहुंचने पर अस्पताल में कोई जिम्मेदार चिकित्सक मौजूद नहीं मिला, जिससे जांच अधिकारियों ने नाराजगी जताई।
सबसे गंभीर मामला ऑपरेशन थियेटर से मिला, जहां एथामसिलेट नामक चार इंजेक्शन बरामद किए गए जिनकी एक्सपायरी डेट 3 मार्च 2026 बताई गई। मरीजों के उपचार में एक्सपायरी दवाओं या इंजेक्शनों की मौजूदगी को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर लापरवाही माना है।
जांच में यह भी सामने आया कि नर्सिंग होम का पंजीकरण 100 बेड की क्षमता पर है, जबकि मौके पर केवल 67 बेड ही उपलब्ध पाए गए। इससे अस्पताल के पंजीकरण और वास्तविक संचालन के बीच बड़ा अंतर उजागर हुआ।
बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन में भी गंभीर खामियां मिलीं। अस्पताल की बायोमेडिकल वेस्ट लॉगबुक 15 जून के बाद से अपडेट नहीं थी। पूछताछ में अस्पताल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि मेडिकल कचरे को नगर पालिका की गाड़ी में डाल दिया जाता है, जबकि बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए निर्धारित नियम और अलग व्यवस्था अनिवार्य है।
निरीक्षण के दौरान फायर सेफ्टी मानकों के पालन में भी कमियां पाई गईं। अस्पताल में अग्नि सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाओं और दस्तावेजों को लेकर भी सवाल खड़े हुए।
स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने अस्पताल का संचालन चिकित्सा मानकों के विपरीत पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से ऑपरेशन थियेटर को सील कर दिया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद जिले के निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम संचालकों में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिए हैं कि निजी चिकित्सालयों के खिलाफ निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा और मानकों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


