– न्यायालय से जीत के बाद भी नहीं मिल रहा कब्ज़ा
– दवंग भू माफिया पुलिस से कर लेते साठ गाठ
फर्रुखाबाद। पैतृक भूमि के बंटवारे को लेकर वर्षों से चले आ रहे विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। पजावा याकूतगंज निवासी सुरेश चंद्र कटियार ने जिला प्रशासन से शिकायत कर अपनी पैतृक भूमि के मुख्य फ्रंट पर कथित कब्जे और पुराने विवादित विक्रय प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।
सुरेश चंद्र कटियार पुत्र रामचंद्र कटियार ने प्रशासन को दिए प्रार्थना पत्र में बताया है कि ग्राम कोटगंज स्थित पैतृक भूमि गाटा संख्या 258, 292 तथा 931 में उनका और उनके भाइयों बृजभान चंद्र, सुभाष चंद्र, उमेश चंद्र तथा सतीश चंद्र का संयुक्त स्वामित्व है। उन्होंने बताया कि उक्त भूमि के बंटवारे को लेकर लंबे समय से पारिवारिक विवाद चला आ रहा है।
पीड़ित के अनुसार मामले को लेकर विभिन्न न्यायालयों में वाद दायर किए गए थे, जहां सुनवाई के बाद संबंधित पत्रावलियां निरस्त हो चुकी हैं। इसके बावजूद भूमि विवाद का स्थायी समाधान नहीं हो सका। सुरेश चंद्र का आरोप है कि उनके भाई स्वर्गीय बृजभान चंद्र कटियार ने कथित रूप से षड्यंत्र के तहत भूमि के मुख्य फ्रंट वाले हिस्से का विक्रय रमेंद्री देवी पत्नी नरेंद्र सिंह के पक्ष में कर दिया था।
शिकायतकर्ता का कहना है कि वर्ष 1993 में किया गया यह विक्रय बाद में 21 अगस्त 1993 को निष्प्रभावी हो गया था, लेकिन इसके बावजूद भूमि के मुख्य हिस्से को लेकर विवाद बना रहा। उनका आरोप है कि आज भी भूमि के महत्वपूर्ण फ्रंट हिस्से पर कब्जे और स्वामित्व को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिससे उन्हें अपने अधिकारों से वंचित होना पड़ रहा है।
सुरेश चंद्र कटियार ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की राजस्व अभिलेखों और न्यायालयी अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा संयुक्त भूमि का विधिक रूप से बंटवारा सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक भूमि का स्पष्ट बंटवारा नहीं होगा, तब तक विवाद समाप्त होना संभव नहीं है।


