नई दिल्ली। नीट परीक्षा पेपर लीक से जुड़े तनाव के बीच छात्रा आकांक्षा की मौत को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि “आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि एक भ्रष्ट और टूटी हुई व्यवस्था की देन है।”
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा कि देश के लाखों छात्र-छात्राएं वर्षों की मेहनत और सपनों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक, अनियमितताओं और अव्यवस्था ने युवाओं का भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था लगातार संकट में है, इसके बावजूद जिम्मेदार लोगों पर जवाबदेही तय नहीं हो रही।
कांग्रेस नेता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “इतने बड़े विवादों और छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर सवालों के बावजूद धर्मेंद्र प्रधान आज भी अपनी कुर्सी पर बने हुए हैं।”
राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में देश की शिक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल बयानबाजी नहीं बल्कि छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक तथा परीक्षा संबंधी विवादों को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर रहा है। छात्र संगठनों और विपक्षी दलों का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में सरकार विफल रही है।
आकांक्षा की मौत को लेकर उठे सवालों के बीच यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। विपक्ष इसे शिक्षा व्यवस्था की विफलता बता रहा है, जबकि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने के अपने प्रयासों का हवाला दे रही है।


