अलीगढ़ के रोरावर थाना क्षेत्र स्थित नौगवां अर्जुनपुर गांव में एक दो वर्षीय बच्ची के अचानक लापता होने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। घटना 28 मई की शाम की है, जब गांव निवासी अरुण कुमार के दो बच्चे, चार वर्षीय रोहित और दो वर्षीय ज्योति, गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास बने पार्क में खेल रहे थे। खेल के दौरान अचानक ज्योति वहां से गायब हो गई। काफी देर तक बच्ची का कोई पता न चलने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई और पूरे गांव में उसकी तलाश शुरू कर दी गई। मासूम के अचानक गायब होने से परिवार के लोग बदहवास हो गए और हर संभावित स्थान पर उसकी खोजबीन की जाने लगी।
तलाश के दौरान जब परिजन और ग्रामीण प्राथमिक विद्यालय के आसपास पहुंचे तो उनकी नजर पास स्थित एक गहरे और दलदल से भरे पोखर पर पड़ी। करीब 15 फीट गहरे इस पोखर में मासूम ज्योति पानी और कीचड़ के बीच जिंदगी के लिए संघर्ष करती दिखाई दी। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों के होश उड़ गए। बिना देर किए कुछ ग्रामीण पोखर में उतरे और काफी मशक्कत के बाद बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते बच्ची को बाहर निकाल लेने से उसकी जान बच गई और परिवार ने राहत की सांस ली।
शुरुआत में ग्रामीण और परिजन इस घटना को एक दुर्घटना मान रहे थे, लेकिन अगले दिन मामले ने नया मोड़ ले लिया। बच्ची के दादा राकेश कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर गांव के ही एक किशोर पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि किशोर ने जानबूझकर उनकी नातिन को उठाकर पोखर में फेंका था। परिजनों का आरोप है कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि सोची-समझी हरकत हो सकती है। आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
रोरावर थाना पुलिस के अनुसार परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। हालांकि अब तक घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया है और किसी ने भी बच्ची को पोखर में फेंकते हुए नहीं देखा है। इसके बावजूद पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि परिजनों की आशंका और लगाए गए आरोपों की सत्यता जानने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह हादसा था या फिर मासूम को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी।


