लखनऊ। राजधानी लखनऊ में लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नौसेना शौर्य वाटिका के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, विकास और सैनिक सम्मान को लेकर बड़ा बयान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान दंगों, कर्फ्यू और माफिया राज से होती थी, जिससे निवेश और विकास की संभावनाएं स्वतः समाप्त हो जाती थीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश में आए दिन कर्फ्यू लगता था और पेशेवर माफिया तथा अपराधियों ने आम नागरिकों का जीना दूभर कर दिया था। असुरक्षा और अराजकता के माहौल में न तो उद्योग लग सकते थे और न ही विकास की कोई बड़ी योजना सफल हो सकती थी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े निवेश केंद्रों में शामिल हुआ है।
नौसेना शौर्य वाटिका के महत्व पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। जब सैनिक राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर देते हैं, तब समाज की जिम्मेदारी बनती है कि वह उनके त्याग और बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी भावना के साथ लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका और संग्रहालय की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया था। आज यह भव्य स्वरूप में तैयार होकर प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया है। यहां आने वाले युवा भारतीय नौसेना के इतिहास, शौर्य, पराक्रम और राष्ट्र रक्षा में उसके योगदान को नजदीक से जान सकेंगे।
उन्होंने कहा कि ऐसे स्मारक और संग्रहालय केवल भवन नहीं होते, बल्कि राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सैन्य परंपराओं के जीवंत केंद्र होते हैं। नौसेना शौर्य वाटिका नई पीढ़ी में देश सेवा की भावना को मजबूत करने का कार्य करेगी तथा युवाओं को सेना और सुरक्षा बलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगी।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने नौसेना शौर्य वाटिका को उत्तर प्रदेश की नई पहचान और सैनिक सम्मान के प्रतीक के रूप में सराहा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह परियोजना प्रदेश में राष्ट्रभक्ति और सैन्य गौरव के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
2017 से पहले यूपी में था कर्फ्यू और माफिया राज : योगी


