लखनऊ। प्रदेश की सियासत में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बयानबाजी का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक तीखी राजनीतिक कविता पोस्ट कर योगी आदित्यनाथ सरकार पर जोरदार हमला बोला। अपनी पोस्ट में उन्होंने सरकार की नीतियों, बुलडोजर कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, आरक्षण, शिक्षा, बिजली-पानी और विभिन्न वर्गों से जुड़े मुद्दों को लेकर निशाना साधा।
अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए कविता के माध्यम से सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अपनी पोस्ट में बुलडोजर कार्रवाई, कथित फर्जी मुकदमों, पत्रकारों के साथ व्यवहार, अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज, आरक्षण से जुड़े विवाद, शिक्षामित्रों, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं तथा सांप्रदायिक राजनीति जैसे मुद्दों का उल्लेख किया। पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, “अब हैं जानेवाले, लौटकर न आनेवाले”, जिसे राजनीतिक हलकों में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा सरकार पर सीधा हमला माना जा रहा है।
सपा प्रमुख की यह पोस्ट ऐसे समय आई है जब प्रदेश में राजनीतिक दल 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट चुके हैं। अखिलेश यादव लगातार ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार को घेर रहे हैं और विभिन्न सामाजिक वर्गों से जुड़े सवाल उठा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कविता और व्यंग्य के माध्यम से किया गया यह हमला केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट नहीं, बल्कि चुनावी माहौल में विपक्ष की आक्रामक रणनीति का हिस्सा है। सपा प्रमुख की इस पोस्ट के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है और भाजपा तथा सपा समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।


