– समाजवादी पार्टी के महिला सम्मान और पीडीए की खुली पोल
– खुली गुंडई, पार्टी की किरकिरी
चंदौली। समाजवादी पार्टी की जिला राजनीति में विवाद और महिला नेतृत्व और पीडीए की हकीकत तब बायरल वीडियो से सामने आ गईं, जब पार्टी पदाधिकारियों नें अपनी ही महिला जिलाध्यक्ष को जम कर धुन दिया, और उन्हें अधमरा कर दिया मामले की शिकायत हुईं है।
पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष गार्गी पटेल से जुड़े घटनाक्रम को लेकर विपक्षी दलों और स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
विवाद के केंद्र में सपा नेताओं प्यारेलाल यादव, मनोज यादव और अमित यादव के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि बायरल वीडियो से हुईं है और संबंधित नेताओं की ओर से भी सार्वजनिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। ऐसे में आरोपों और तथ्यों की जांच राजनीतिक एवं संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठाया जा रहा है कि यदि किसी महिला पदाधिकारी को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है तो पार्टी संगठन को तत्काल स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। विपक्ष इस मुद्दे को महिला सम्मान और संगठनात्मक अनुशासन से जोड़कर सरकार और जनता के सामने उठा रहा है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या करोड़ों में है और कई जिलों में महिला मतदान प्रतिशत पुरुषों के बराबर या उससे अधिक दर्ज किया गया है। ऐसे में किसी भी राजनीतिक दल के लिए महिला नेतृत्व से जुड़े विवाद संवेदनशील माने जाते हैं।
चंदौली जनपद में भी महिला कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को खुद मामला संज्ञान लेकर बड़ी कार्यवाही करनी चाहिए और यदि आरोप निराधार हैं तो स्थिति को स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक बयान जारी किया जाना चाहिए।
फिलहाल यह मुद्दा जिले की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया और संभावित जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।


