– कई विशेष गैलरियों में सहेजी जाएगी उत्तर प्रदेश की विरासत
– आगरा में 198 करोड़ से बन रहा भव्य ‘छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय’
– महापुरुषों के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगी योगी सरकार
आगरा, 24 मई। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महापुरुषों की गौरवशाली विरासत को संरक्षित करने और उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी संकल्प को सिद्ध करते हुए ताजनगरी में शिल्पग्राम के समीप 5.9 एकड़ भूमि में लगभग 198 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से ‘छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय’ का निर्माण कार्य जोरों पर है। यह संग्रहालय केवल एक इमारत नहीं है, बल्कि अपनी अत्याधुनिक 7डी तकनीक, इंटरएक्टिव गैलरियों और वीरतापूर्ण इतिहास के सजीव चित्रण के माध्यम से भारत के स्वाभिमान और सांस्कृतिक वैभव का एक प्रमुख प्रेरणा स्थल बनेगा।
7डी तकनीक से जीवंत होगा इतिहास का रोमांच
छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय आधुनिक तकनीक और इतिहास का अद्भुत संगम होगा। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी 7डी गैलरी है, जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा औरंगजेब की कैद में आगरा किला से बचकर निकलने की साहसिक और ऐतिहासिक योजना को 7डी तकनीक के जरिए जीवंत किया जाएगा। अत्याधुनिक लाइट, साउंड इफेक्ट्स और डिजिटल आर्काइव के जरिए दर्शक उस ऐतिहासिक पल के रोमांच को सीधे महसूस कर सकेंगे। इसके अलावा, यहां वर्चुअल रियलिटी और इंटरएक्टिव तकनीक का शानदार प्रयोग देखने को मिलेगा।
समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली इतिहास का सजीव चित्रण
संग्रहालय में उत्तर प्रदेश और देश की समृद्ध विरासत को समेटे हुए कई प्रमुख गैलरियां विकसित की जा रही हैं, जो अपने आप में अनूठी होंगी।
– अग्रदूतों की गैलरी: यह 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों को समर्पित होगी।
– त्योहारों की गैलरी: इसमें काशी की महाशिवरात्रि, देव दीपावली, ब्रज का कृष्ण जन्मोत्सव, रंगोत्सव (होली) और प्रयागराज के महाकुंभ की भव्यता का जीवंत चित्रण होगा।
– नदियों की गैलरी: गंगा, यमुना, सरयू और घाघरा जैसी जीवनदायिनी नदियों से जुड़ी आस्था और लोक- संस्कृति को यहां सहेजा जाएगा।
– आगरा गैलरी: शहर की स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विरासत को इसमें प्रदर्शित किया जाएगा।
– अस्त्र-शस्त्र गैलरी: प्राचीन समय में युद्ध में उपयोग में लाए जाने वाले हथियारों पर आधारित होगी।
– जीव-जंतु व वनस्पति गैलरीः प्रदेश की जैव- विविधता दर्शाती ‘वनस्पति गैलरी’ भी प्रमुख आकर्षण होंगी।
प्रदेश के समृद्धशाली इतिहास को वैश्विक पटल पर लाने का प्रयास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट की निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इस ऐतिहासिक पहल पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि योगी सरकार महापुरुषों के त्याग और बलिदान को अमर बनाने के लिए कार्य कर रही है। छत्रपति शिवाजी महाराज का व्यक्तित्व राष्ट्रवाद का प्रतीक है। यह संग्रहालय हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए गर्व और प्रेरणा का केंद्र होगा। सरकार का प्रयास है कि हम अपनी गौरवशाली संस्कृति और इतिहास को न केवल सहेजें, बल्कि उसे आधुनिक तकनीक के माध्यम से दुनिया के सामने गौरव के साथ प्रस्तुत करें। आगरा का यह प्रोजेक्ट पूरे देश के लिए एक नजीर बनेगा।
समय की बचत और मजबूती के लिए संग्रहालय का निर्माण अत्याधुनिक ‘प्री-कास्ट तकनीक’ से किया जा रहा है। संग्रहालय का सिविल काम इस साल सितंबर तक पूरा होने की संभावना है। सरकार का प्रयास है कि भवन निर्माण के साथ- साथ गैलरियों का विकास भी समानांतर चलता रहे, ताकि जल्द ही यह अनूठा संग्रहालय देश- विदेश के पर्यटकों के लिए समर्पित किया जा सके।


