फर्रुखाबाद। महाराणा प्रताप की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम की तैयारियां जहां एक ओर जोर-शोर से चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम स्थल पर जलभराव की समस्या प्रशासन और आयोजकों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। आगामी 9 मई को प्रस्तावित प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम को लेकर प्रशासन पूरी ताकत से जुटा हुआ है और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा भी आयोजन को भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है, लेकिन मूर्ति स्थल के सामने होने वाला जलभराव अब बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रहा है।
बताया जा रहा है कि रोडवेज बस स्टैंड परिसर में जहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित की गई है, वहां हल्की बरसात होते ही पानी भर जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार मूर्ति के सामने कई-कई दिनों तक पानी जमा रहता है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हैरानी की बात यह है कि प्रतिमा स्थापना से लेकर अब तक इस गंभीर समस्या की ओर किसी जिम्मेदार अधिकारी या विभाग का ध्यान नहीं गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब भी बारिश होती है, पूरा क्षेत्र तालाब जैसा नजर आने लगता है और महाराणा प्रताप की प्रतिमा चारों ओर से पानी से घिर जाती है। लोगों का कहना है कि प्रतिमा जैसी गौरवशाली स्मारक स्थल के सामने इस प्रकार का जलभराव प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
गौरतलब है कि महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम तय किया गया है, जिसमें प्रदेश सरकार के मंत्री और बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। कार्यक्रम स्थल पर लगभग एक हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। ऐसे में यदि मौसम खराब हुआ और बारिश हो गई तो जलभराव कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर भारी पड़ सकता है।
इस संबंध में जब अधिकारियों से बातचीत की गई तो उन्होंने भरोसा दिलाया कि नगर पालिका के माध्यम से जलभराव की समस्या का समाधान कराया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी और जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराई जाएगी।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले से ही इस समस्या पर ध्यान दिया गया होता तो अब आनन-फानन में व्यवस्था सुधारने की जरूरत नहीं पड़ती। लोगों का यह भी कहना है कि प्रतिमा स्थापित होने के बाद से अब तक कई बार बारिश हो चुकी है, लेकिन जल निकासी के स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
अब सभी की निगाहें प्रशासन और नगर पालिका की तैयारियों पर टिकी हुई हैं। मौसम विभाग द्वारा भी बदलते मौसम के संकेत दिए जा रहे हैं, ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 9 मई से पहले जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो पाएगा या फिर महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण समारोह के दौरान यह समस्या व्यवस्थाओं पर भारी पड़ेगी।
महाराणा प्रताप की मूर्ति के सामने जलभराव बना बड़ी समस्या, अनावरण से पहले व्यवस्थाओं पर उठे सवाल


