फर्रुखाबाद। प्रदेश में जातीय एवं सामाजिक आंकड़ों के संकलन को लेकर स्व-गणना प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है। शासन के निर्देशानुसार जनपद में भी स्व-गणना अभियान को गति दी जा रही है। यह प्रक्रिया 21 मई तक संचालित की जाएगी, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी गणना कर सकेंगे। प्रशासन ने लोगों से बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील की है, ताकि सटीक आंकड़ों के आधार पर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से तैयार किया जा सके।
जनपद मुख्यालय पर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार तथा उपजिलाधिकारी सदर रजनीकांत द्वारा स्वयं स्व-गणना कर अभियान का शुभारंभ किया गया। अधिकारियों ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर लोगों को भी इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जनपद जनगणना बाबू ऋतुराज पटेल भी मौजूद रहे और उन्होंने स्व-गणना प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराईं।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि स्व-गणना राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे सरकार को समाज के विभिन्न वर्गों की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त होगी, जिससे योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी इस अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी तरह सरल और ऑनलाइन आधारित है। नागरिक निर्धारित पोर्टल पर जाकर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए प्रशासन द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हो सकें।
उपजिलाधिकारी सदर रजनीकांत ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक समय रहते 21 मई से पहले अपनी स्व-गणना अवश्य करें और प्रदेश व राष्ट्र के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि स्व-गणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य की योजनाओं, संसाधनों के वितरण और जनकल्याणकारी नीतियों के निर्माण में सहायक सिद्ध होंगे।
शुरू हुई स्व-गणना प्रक्रिया, अधिकारियों ने किया ऑनलाइन पंजीकरण


