मथुरा: यूपी के मथुरा (Mathura) में एक व्यापारी को बंधक बनाकर लूटने वाले राजस्थान के मूल निवासी दो अपराधियों को पुलिस ने मुठभेड़ (encounter) में मार गिराया। बाबरिया गिरोह के दोनों सदस्यों पर 50,000 रुपये का इनाम था। अपराधियों की पहचान धर्मवीर उर्फ लंबू (35) और राजेंद्र उर्फ पप्पू (55) के रूप में हुई। दोनों मूल रूप से राजस्थान के अलवर के रहने वाले थे और उन्होंने पांच साथियों के साथ मिलकर व्यापारी अजय अग्रवाल के घर में लूटपाट की थी।
पुलिस के अनुसार, 23 अप्रैल की रात को वे छत के रास्ते अजय अग्रवाल के घर में घुस गए। उन्होंने अजय अग्रवाल, उनके पिता, पत्नी और उनकी 6 वर्षीय बेटी को रस्सियों से बांध दिया। उन्होंने बंदूक की नोक पर लॉकर की चाबियां छीन लीं और फिर लगभग ढाई घंटे तक घर में लूटपाट की। घटना के बाद, एसएसपी श्लोक कुमार ने लुटेरों की तलाश के लिए 17 टीमें गठित कीं। पुलिस को सूचना मिली थी कि लुटेरे यमुना एक्सप्रेसवे के पास हैं।
पुलिस ने घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। गुरुवार तड़के 7 बजे दो संदिग्ध मोटरसाइकिल पर आते देखे गए। पुलिस के रुकने का इशारा करने पर मोटरसाइकिल सवार यू-टर्न लेकर भाग गए। इसी दौरान मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई। गिरफ्तारी के डर से उन्होंने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में पुलिस ने भी गोलीबारी की। दोनों अपराधी घायल हो गए।
पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ में SWAT टीम के प्रभारी अजय वर्मा और हेड कांस्टेबल दुर्ग विजय भी घायल हो गए। डकैत धर्मवीर के खिलाफ मथुरा, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में लूट, हत्या के प्रयास, छीन-झपट और चोरी समेत 16 मामले दर्ज थे। वहीं, पप्पू के खिलाफ मेरठ, फिरोजाबाद, मथुरा, हरियाणा और दिल्ली में लूट समेत 11 मामले दर्ज थे।
एसपी श्लोक कुमार ने बताया, “पुलिस ने सुरिर थाना क्षेत्र में लूट के मामले में एफआईआर दर्ज की थी और अपराधियों की तलाश कर रही थी। इसके बाद अपराधियों ने नोएडा, खैर, दिल्ली, पलवल और रेवाड़ी में भी अपराध किए।” इसी बीच, पुलिस को कल रात उनकी गतिविधियों की जानकारी मिली। डकैत राजेंद्र के खिलाफ चोरी, डकैती और लूटपाट समेत 11 मामले और धर्मवीर के खिलाफ 16 मामले दर्ज थे। वे नाम बदलकर अपराध करते थे। वे कई बार जेल भी जा चुके थे। लूट में लूटे गए सामान से कुछ नकदी और गहने उनसे बरामद किए गए हैं।


