बरेली शहर के वार्ड 59 सरनिया में करोड़ों रुपये के विकास कार्य होने के बावजूद स्थानीय लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। रविवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में लोगों ने शुद्ध पेयजल, सड़क, अंडरपास और स्वास्थ्य सुविधाओं की गंभीर समस्याएं उठाईं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि शुद्ध पेयजल की व्यवस्था न होने से लोग हैंडपंप के पानी पर निर्भर हैं, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। साथ ही, खराब सड़कों और अधूरी जल आपूर्ति व्यवस्था ने जनजीवन को प्रभावित किया है।
वार्ड में अंडरपास की सुविधा न होने के कारण रेलवे फाटक पर रोजाना लंबा जाम लग जाता है। लोगों का कहना है कि कई बार फाटक 40 से 45 मिनट तक बंद रहता है, जिससे समय की भारी बर्बादी होती है और आपात स्थिति में मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी बताया कि वार्ड के बीच स्थित पुराने तालाब की सफाई न होने से गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है। वहीं कई जगह हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिनकी मरम्मत नहीं की गई है।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई गई, जहां एक प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक के लगभग 150 छात्र एक ही कमरे में पढ़ने को मजबूर हैं। लोगों ने अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की मांग की है ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पर भी ग्रामीणों ने नाराजगी जताई और कहा कि वार्ड में मिनी स्वास्थ्य केंद्र न होने से महिलाओं को प्रसव और इलाज के लिए दूर जाना पड़ता है। साथ ही, श्मशान भूमि की लंबे समय से मांग भी पूरी नहीं हुई है।
पार्षद रामसिंह पाल ने बताया कि क्षेत्र में पानी की टंकी न होने के कारण लोग हैंडपंप पर निर्भर हैं, जिससे स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सफाई व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है क्योंकि 21 के सापेक्ष केवल 12 सफाईकर्मी ही कार्यरत हैं।
नामित पार्षद ज्ञान प्रकाश लोधी ने बताया कि सीबीगंज से सरनिया तक सड़क निर्माण पीडब्ल्यूडी के अधीन है और अंडरपास न होने से लोगों को रोजाना बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि फाटक बंद होने के कारण कई बार गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता।


