मैनपुरी
जनपद में लगातार बढ़ते तापमान और लू के प्रकोप ने हालात को गंभीर बना दिया है। भीषण गर्मी अब सीधे लोगों की जान पर बन आई है। पिछले 24 घंटे के भीतर जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे पांच मरीजों की मौत हो गई, जिससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। वहीं, अचानक बढ़े मरीजों के दबाव के चलते अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित होती नजर आ रही हैं, जहां 44 मरीजों को भर्ती किया गया है।
जानकारी के अनुसार, मरने वालों में दो मासूम बच्चे डायरिया की चपेट में थे, जबकि एक बुजुर्ग की मौत तेज बुखार के चलते हुई। इसके अलावा दो अन्य लोगों की जान हृदयघात के कारण चली गई। यह सभी घटनाएं इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि भीषण गर्मी और लू का असर अब बेहद खतरनाक रूप ले चुका है।
शहर के महालक्ष्मीपुर निवासी 54 वर्षीय प्रभा पत्नी सुखवीर को सीने में दर्द की शिकायत के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्हें हृदयघात आया और उनकी मौत हो गई। वहीं भोगांव क्षेत्र के गांव चांदा की एक माह की मासूम बच्ची महिमा और औंछा क्षेत्र के ईसई खास गांव निवासी 14 वर्षीय अमन की डायरिया और उल्टी-दस्त के चलते मौत हो गई। थाना दन्नाहार क्षेत्र के बम्हौरी गांव निवासी 70 वर्षीय भागीरथ और शहर के अग्रवाल मोहल्ला निवासी 45 वर्षीय हरिओम भी इस भीषण गर्मी की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठे।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र कुमार के अनुसार, चार मरीजों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था, जबकि एक महिला की इलाज के दौरान मौत हुई है। उन्होंने बताया कि इन दिनों गर्मी के कारण डायरिया, डिहाइड्रेशन, बुखार और हार्ट अटैक के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है।
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि लू और तेज धूप से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने दें, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ जैसे नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ आदि का सेवन करें। साथ ही ओआरएस और ग्लूकोज का प्रयोग भी नियमित रूप से करें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
भीषण गर्मी के इस दौर में यह स्थिति साफ संकेत दे रही है कि यदि समय रहते सतर्कता नहीं बरती गई, तो आने वाले दिनों में हालात और भयावह हो सकते हैं।


