शमशाबाद/फर्रुखाबाद। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के असहनीय दर्द से परेशान एक युवक ने सोमवार को ढाई घाट पुल से गंगा नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने तत्परता दिखाते हुए जान जोखिम में डालकर युवक को सकुशल बाहर निकाल लिया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 11 बजे ढाई घाट पुल से एक व्यक्ति के गंगा में कूदने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया गया।
पूछताछ में युवक की पहचान कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम ज्योना निवासी संतराम पुत्र सरदार सिंह के रूप में हुई। संतराम ने पुलिस को बताया कि वह लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है। बीमारी के असहनीय दर्द और मानसिक तनाव से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।
पुलिस ने संतराम को समझाते हुए कहा कि जीवन अमूल्य है और आत्महत्या किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। पुलिस ने उसका हौसला बढ़ाया और उसे जीवन के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी।
मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए पुलिस ने प्राथमिक उपचार के बाद संतराम के पुत्र विनय को मौके पर बुलाया और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर युवक को उसके सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने पुलिस और गोताखोरों की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
कैंसर की असहनीय पीड़ा से तंग युवक ने गंगा में लगाई छलांग, गोताखोरों और पुलिस ने बचाई जान


