फर्रुखाबाद। शहर के ऑटो रिक्शा चालक एवं मालिक सोमवार को एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग की चालान कार्रवाई पर नाराजगी जताई। चालकों ने कहा कि मामूली कमियों पर भी ₹2 हजार से ₹12 हजार तक के चालान किए जा रहे हैं, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
ज्ञापन में ऑटो चालकों ने बताया कि कई बार बिना किसी पूर्व सूचना के डिजिटल माध्यम से चालान जारी कर दिए जाते हैं। इसकी जानकारी उन्हें तब मिलती है, जब वे परिवहन विभाग में वाहन संबंधी दस्तावेजों के नवीनीकरण या अन्य कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में उनके आवश्यक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
चालकों ने मांग की कि दस्तावेजों में किसी प्रकार की कमी मिलने पर तत्काल चालान करने के बजाय उन्हें आवश्यक अभिलेख दुरुस्त कराने के लिए उचित समय दिया जाए। साथ ही अनावश्यक और कठोर चालान कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
ऑटो चालकों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच उनकी आय पहले से ही सीमित है। रेलवे स्टेशन से फतेहगढ़ तक सवारियां ढोकर परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में भारी-भरकम चालान उनकी आर्थिक परेशानियों को और बढ़ा रहे हैं।
ज्ञापन में रेलवे स्टेशन से फतेहगढ़ मार्ग पर ऑटो के लिए स्थायी स्टैंड बनाए जाने की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए ई-रिक्शा के लिए अलग रूट निर्धारित करने की मांग की गई, ताकि जाम की समस्या कम हो और ऑटो संचालन भी व्यवस्थित ढंग से हो सके।
इस दौरान बड़ी संख्या में ऑटो रिक्शा चालक एवं मालिक मौजूद रहे और सभी ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर अपनी मांगों का समर्थन किया। अब ऑटो चालकों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर उचित समाधान निकालेगा।
चालान की कार्रवाई से परेशान ऑटो चालकों ने डीएम से लगाई गुहार, स्थायी स्टैंड की उठाई मांग


