नोएडा। सोशल मीडिया की चमक-दमक, लग्जरी लाइफ का दिखावा और बिना मेहनत के ऐशो-आराम की चाहत युवाओं को अपराध की अंधेरी दुनिया में धकेल रही है। उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा से सामने आए आंकड़े इस खतरनाक सामाजिक बीमारी की गंभीर तस्वीर पेश करते हैं। पिछले दो वर्षों में 18 से 20 वर्ष की उम्र के 217 युवाओं को चोरी, चेन स्नैचिंग और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे अपराधों में गिरफ्तार किया गया है।
गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि अधिकांश युवक बेरोजगार थे, लेकिन उन्हें महंगे आईफोन, बुलेट बाइक, ब्रांडेड कपड़े और गर्लफ्रेंड पर खर्च करने के लिए मोटी रकम चाहिए थी। आसान पैसा कमाने की इसी चाहत ने उन्हें अपराध की राह पर धकेल दिया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार 217 आरोपियों में 142 युवक चोरी, 48 चेन स्नैचिंग और 27 गांजा व अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी में पकड़े गए। पूछताछ के दौरान कई युवाओं ने स्वीकार किया कि वे दोस्तों के बीच रुतबा कायम रखने और सोशल मीडिया पर अपनी झूठी शान दिखाने के लिए अपराध करने लगे।
एक आरोपी ने तीन लाख रुपये की सोने की चेन सिर्फ इसलिए लूटी ताकि आईफोन और बुलेट खरीद सके। वहीं दूसरे युवक ने ब्रांडेड जूते खरीदने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। एक अन्य युवक ने बताया कि गर्लफ्रेंड को महंगे पब में ले जाने, पार्टियां करने और खर्च उठाने के लिए उसने चोरी और गांजा तस्करी शुरू कर दी थी।
यह मामला केवल अपराध का नहीं बल्कि बदलती सामाजिक मानसिकता का भी आईना है। मेहनत और संघर्ष की बजाय शॉर्टकट से सफलता पाने की सोच युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है। पुलिस का कहना है कि यदि माता-पिता अपने बच्चों की गतिविधियों, मित्र मंडली और खर्चों पर नजर नहीं रखेंगे तो अपराधी गिरोह ऐसे युवाओं को आसानी से अपने जाल में फंसा लेंगे।


