नई दिल्ली। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आयोजित सामूहिक योग कार्यक्रम में भाग लेकर योगाभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने देशवासियों और विश्व समुदाय को योग के महत्व का संदेश देते हुए इसे स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवन का आधार बताया।
प्रधानमंत्री ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया तथा कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि आज योग ने सीमाओं को पार कर वैश्विक जनआंदोलन का रूप ले लिया है और करोड़ों लोग इसे अपने जीवन का हिस्सा बना रहे हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि योग मानवता को जोड़ने का माध्यम है। यह व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाता है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग करने और अपने परिवार व समाज को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा आज पूरे विश्व में स्वास्थ्य और कल्याण का संदेश पहुंचा रही है। योग के माध्यम से एक स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प और मजबूत होगा।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देशभर में आयोजित कार्यक्रमों में लाखों लोगों ने सहभागिता कर योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।


