रोजाना 7-8 हजार वाहन कम हुए, हाईवे किनारे होटल-ढाबों का कारोबार भी प्रभावित
उन्नाव। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (NH-27) पर वाहनों की आवाजाही में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इसका सबसे बड़ा असर नवाबगंज टोल प्लाजा के यातायात और राजस्व पर देखने को मिल रहा है।
जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद प्रतिदिन करीब 7 से 8 हजार वाहन अब एनएच-27 की बजाय नए मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। इसके चलते नवाबगंज टोल प्लाजा को प्रतिदिन लगभग 12 से 14 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वाहनों की संख्या कम होने का असर केवल टोल संग्रह तक सीमित नहीं है। हाईवे किनारे संचालित होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कारोबार में भी गिरावट आई है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि पहले जहां दिनभर यात्रियों की अच्छी आवाजाही रहती थी, वहीं अब ग्राहकों की संख्या काफी कम हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेसवे ने यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया है, इसलिए अधिकांश वाहन चालक अब उसी मार्ग को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि इसका सीधा आर्थिक प्रभाव पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े स्थानीय व्यवसायों पर पड़ रहा है।
आने वाले समय में यदि यही स्थिति बनी रही तो एनएच-27 के किनारे स्थित व्यापारिक प्रतिष्ठानों को अपने कारोबार को बनाए रखने के लिए नई रणनीति अपनानी पड़ सकती है।


