विधायक सुशील शाक्य ने 21 घंटे 30 मिनट शहरी बिजली का किया था दावा, नगरवासी बोले—आज भी मिल रही ग्रामीण फीडर जैसी आपूर्ति
नवाबगंज, फर्रुखाबाद। अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य द्वारा बड़े दावों के साथ शुरू कराया गया नवाबगंज टाउन विद्युत फीडर पांच महीने बाद भी नगरवासियों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका है। 14 फरवरी 2026 को विधायक ने नवाबगंज विद्युत उपकेंद्र पर फीता काटकर टाउन फीडर का शुभारंभ किया था और घोषणा की थी कि अब नगर को ग्रामीण फीडर से अलग कर शहरी मानकों के अनुरूप करीब 21 घंटे 30 मिनट बिजली आपूर्ति मिलेगी। साथ ही यह भी कहा गया था कि बार-बार होने वाली कटौती, लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या से लोगों को राहत मिलेगी।
हालांकि, शुभारंभ के पांच महीने पांच दिन बाद भी जमीनी हकीकत दावों से बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। नगरवासियों का कहना है कि बिजली आपूर्ति आज भी ग्रामीण फीडर की तरह ही हो रही है। दिन में कई बार कटौती, लो वोल्टेज और लगातार ट्रिपिंग के कारण लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट ने बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और व्यापारियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार नवाबगंज विद्युत उपकेंद्र से 13,608 विद्युत कनेक्शन जुड़े हैं, जिनमें लगभग 3,000 कनेक्शन नगर क्षेत्र के हैं। वहीं 456 उपभोक्ता शहरी दरों पर बिजली बिल जमा करते हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब उनसे शहर के हिसाब से बिल लिया जा रहा है, तो उन्हें शहरी मानकों के अनुरूप बिजली भी मिलनी चाहिए।
नगरवासियों का आरोप है कि टाउन फीडर के उद्घाटन के बावजूद बिजली व्यवस्था में कोई ठोस बदलाव नहीं आया। उनका सवाल है कि जब अलग फीडर तैयार हो चुका है, तो आखिर नगर को उसका वास्तविक लाभ क्यों नहीं मिल रहा।
अब स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि टाउन फीडर को पूरी क्षमता से संचालित कर शासन के निर्धारित मानकों के अनुसार नियमित और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि नवाबगंज के लोगों को बार-बार होने वाली बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।


