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Sunday, August 30, 2026

शेख हसीना की संभावित वापसी पर बांग्लादेश सख्त, भारत ने कहा- कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा फैसला

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नई दिल्ली/ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित स्वदेश वापसी को लेकर सियासी और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि शेख हसीना देश लौटती हैं तो उन्हें अपने खिलाफ दर्ज मामलों में कानून का सामना करना होगा। वहीं भारत ने इस पूरे मामले पर संयमित रुख अपनाते हुए कहा है कि प्रत्यर्पण से जुड़ा कोई भी निर्णय पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत ही लिया जाएगा।

78 वर्षीय शेख हसीना अगस्त 2024 में सरकार विरोधी व्यापक छात्र आंदोलन और हिंसक घटनाओं के बाद सत्ता से बेदखल होने के पश्चात भारत आ गई थीं। तब से वह भारत में रह रही हैं। हाल ही में उनके करीबी सूत्रों ने दावा किया कि अवामी लीग को फिर से सक्रिय करने और राजनीतिक गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से वह इस वर्ष के अंत तक बांग्लादेश लौट सकती हैं।

शेख हसीना की संभावित वापसी की खबरों के बीच बांग्लादेश सरकार के वरिष्ठ सलाहकार जाहेद उर रहमान ने कहा कि सरकार चाहती है कि हसीना अपने ऊपर लगे मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों का अदालत में सामना करें। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल में मुकदमे की सुनवाई पूरी पारदर्शिता के साथ होगी और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को कार्यवाही देखने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का वीडियो प्रसारण भी कराया जा सकता है।

रहमान ने यह भी संकेत दिया कि यदि भारत और बांग्लादेश के बीच आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होती है, तो शेख हसीना की वापसी में कोई तकनीकी बाधा नहीं होगी। हालांकि उन्होंने दोहराया कि सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी और किसी भी आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया से छूट नहीं मिलेगी।

दूसरी ओर भारत सरकार ने इस मुद्दे पर सतर्क प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत का रुख पहले जैसा ही है और प्रत्यर्पण का कोई भी अनुरोध दोनों देशों के बीच मौजूद कानूनी प्रावधानों तथा द्विपक्षीय समझौतों के अनुसार देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस विषय पर भारत कानून के दायरे में रहकर ही निर्णय करेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शेख हसीना की संभावित वापसी केवल बांग्लादेश की घरेलू राजनीति ही नहीं, बल्कि भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी असर डाल सकती है। ऐसे में दोनों देशों की सरकारें इस पूरे घटनाक्रम पर सावधानीपूर्वक नजर बनाए हुए हैं।

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