नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। मध्य प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से करीब 26 फीट ऊपर बह रही है। घाट किनारे करीब 400 दुकानें डूब गई हैं और घरों व होटलों में फंसे लोगों को हेलिकॉप्टर से बाहर निकाला जा रहा है। दो हेलिकॉप्टर और एसडीआरएफ की टीमें राहत-बचाव में जुटी हैं।
हिमाचल प्रदेश के सोलन में भूस्खलन से कालका-शिमला रेल मार्ग बाधित हो गया। ट्रैक का एक हिस्सा हवा में लटक गया, जिसके चलते 10 ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। 391 यात्रियों और 40 रेल कर्मचारियों को सुरक्षित कालका पहुंचाया गया। हिमाचल में 30 जून से 29 अगस्त तक मानसून से जुड़ी घटनाओं और सड़क हादसों में 250 लोगों की मौत हो चुकी है।
बिहार में गंगा और गंडक का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पटना का दीघा घाट जलमग्न हो गया है, जबकि बगहा के डुमरिया घाट पर गंडक खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। राज्य के 15 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। नेपाल में भारी बारिश के बाद नारायणी-गंडक में भी पानी बढ़ने से सीमावर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
मध्य प्रदेश के सतना, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बाढ़ जैसे हालात हैं। सतना में 31 अगस्त और 1 सितंबर को स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है। चितहरा रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर कई फीट पानी भरने से 24 यात्री ट्रेनें और 20 मालगाड़ियां प्रभावित हुई हैं।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में गंगा का पानी शहर के कई इलाकों तक पहुंच गया है और सड़कों पर नावें चल रही हैं। उत्तराखंड के नैनीताल-काठगोदाम मार्ग पर पहाड़ी दरकने से यातायात प्रभावित हुआ है। छत्तीसगढ़ में भी अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
इसके उलट राजस्थान में मानसून कमजोर रहने से जयपुर समेत 17 जिलों में सूखे जैसे हालात हैं। प्रदेश के 15 शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मौसम की यह दोहरी तस्वीर कहीं बाढ़ और तबाही तो कहीं बारिश की कमी से बढ़ती परेशानी को सामने ला रही है।


