ताशकंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च राज्य सम्मान ‘ओली दाराजली दोस्लिक’ से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने ताशकंद में यह सम्मान प्रदान किया। इसका अर्थ ‘उच्च स्तरीय मित्रता’ है। यह प्रधानमंत्री मोदी को मिला 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
सम्मान समारोह से पहले मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें यूरेनियम आपूर्ति, रक्षा सहयोग, आतंकवाद और व्यापार समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। फिलहाल दोनों देशों के बीच व्यापार 1 अरब डॉलर से अधिक है।
दोनों नेताओं ने रक्षा क्षेत्र में सीधे सहयोग, संयुक्त रूप से हथियारों के उत्पादन और नई तकनीक विकसित करने पर सहमति जताई। आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद को क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इनके खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति जारी रखने पर भी सहमति बनी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों की मजबूत नींव दोनों देशों की साझा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत है। भारत के लिए मध्य एशिया ऊर्जा, यूरेनियम और महत्वपूर्ण खनिजों के लिहाज से अहम है। दोनों देश व्यापार, परिवहन संपर्क और ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
मोदी रविवार रात उज्बेकिस्तान से रवाना होकर किर्गिस्तान पहुंच गए, जहां वे 31 अगस्त से 1 सितंबर तक शंघाई सहयोग संगठन की 26वीं बैठक में हिस्सा लेंगे। बैठक में सुरक्षा, आतंकवाद, व्यापार, संपर्क और आर्थिक सहयोग पर चर्चा होगी। इस दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत अन्य नेताओं से उनकी मुलाकात की संभावना है।
मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान भारतीय समुदाय से मुलाकात, ताशकंद में शास्त्री स्मारक पर पुष्पांजलि और योग कार्यक्रम में भागीदारी भी प्रमुख रही। भारत-मध्य एशिया संबंधों को नई दिशा देने वाले इस दौरे में ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक सहयोग और व्यापार विस्तार को खास महत्व मिला।


