लखनऊ। राजधानी के माल विकासखंड की अऊमऊ ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में कथित भ्रष्टाचार की शिकायत पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की स्थलीय जांच शुरू कर दी गई। जांच के लिए नामित अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में कार्यों का सत्यापन कराया गया।
जानकारी के अनुसार, मनरेगा के तहत कराए गए चकमार्ग निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए।
डीएम के निर्देश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी जांच के लिए ग्राम पंचायत अऊमऊ पहुंचे। पुलिस बल की मौजूदगी में संबंधित चकमार्ग निर्माण कार्य की नाप कराई गई और अभिलेखों का मिलान किया गया। जांच के दौरान स्थानीय ग्रामीणों के भी बयान दर्ज किए गए।
शिकायत में आरोप है कि बेलहिया स्थित कार्य के नाम पर भुगतान किया गया, जबकि अभिलेखों में दुबरहा तालाब का कार्य दर्शाकर सरकारी धन का भुगतान कर दिया गया। आरोप है कि वास्तविक स्थल और रिकॉर्ड में दर्ज कार्य में अंतर है, जिससे मनरेगा योजना में वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई गई है।
जांच टीम ने मौके से आवश्यक तथ्य और दस्तावेज एकत्र किए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच का भरोसा दिलाया है।


