रसूलाबाद के नैला सुजानपुर गांव की आरती देवी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन्होंने समूह के माध्यम से एक लाख रुपये का ऋण लेकर परचून की दुकान शुरू की। इस कारोबार से उन्हें आमदनी होने लगी है और वह परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में योगदान दे रही हैं।
आरती देवी ने स्वरोजगार के लिए स्वयं सहायता समूह का सहारा लिया और ऋण की मदद से अपनी दुकान शुरू की। दुकान खोलने से उन्हें गांव में ही रोजगार का अवसर मिला। इससे उन्हें परिवार की जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक मदद मिल रही है।
आरती की दुकान से करीब 4 हजार रुपये की आमदनी हो रही है। इस आय से वह परिवार के खर्चों में सहयोग कर पा रही हैं। उनका यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के जरिए आर्थिक रूप से मजबूत बनने की एक मिसाल है।
स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को ऋण और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आरती देवी की पहल बताती है कि समूह से जुड़कर महिलाएं छोटे कारोबार शुरू कर सकती हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने में योगदान दे सकती हैं।


