तालाब पर कब्जे की चर्चा, कई दिनों से बनी समस्या; पास में ही स्थित है खंड विकास अधिकारी का कार्यालय
अमृतपुर
राजेपुर बाजार से राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जाने वाला रास्ता कई दिनों से जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। सड़क पर पानी भरा होने के कारण विद्यालय जाने वाली छात्राओं और अन्य स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। बच्चे मजबूरी में पानी के बीच से होकर स्कूल पहुंच रहे हैं। इससे उनके कपड़े और जूते खराब हो रहे हैं, वहीं फिसलने और चोटिल होने का खतरा भी बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के बीच जलभराव के पीछे तालाब और नाले पर कथित अतिक्रमण की चर्चा है। लोगों का कहना है कि जलनिकासी बाधित होने के कारण सड़क पर पानी जमा हो रहा है। हालांकि, अतिक्रमण की स्थिति और जलभराव के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में संबंधित विभाग की ओर से जांच कराकर स्थिति स्पष्ट किए जाने की जरूरत है।रास्ते पर पानी भरा होने से छात्राओं को प्रतिदिन मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय आने-जाने के दौरान उन्हें इसी जलभराव से होकर गुजरना पड़ता है। पानी की गहराई और सड़क की स्थिति स्पष्ट न होने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। अभिभावकों को भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है। कई दिनों से बनी इस समस्या के कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी है।हैरानी की बात यह है कि जलभराव वाले रास्ते के नजदीक ही खंड विकास अधिकारी का कार्यालय स्थित है। इसके बावजूद रास्ते से पानी निकालने की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। जलभराव के चलते विद्यार्थियों के साथ-साथ राहगीरों को भी आवागमन में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। इस स्थिति ने जलनिकासी की व्यवस्था और समस्या के निस्तारण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से रास्ते का निरीक्षण कर जलभराव के कारणों की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि तालाब या नाले पर अतिक्रमण की शिकायत सही पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराकर रास्ते को आवागमन योग्य बनाया जाए, ताकि छात्राओं और अन्य राहगीरों को रोजाना होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।


