नई दिल्ली। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की धनराशि से जुड़े कथित अनियमितता के मामले में पूर्व महासचिव चंपत राय के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए सहमति जताई है। अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से दाखिल याचिका पर 2 नवंबर को सुनवाई होगी।
याचिका में चंपत राय पर मंदिर के चढ़ावे से जुड़े धन के कथित दुरुपयोग और अयोध्या में मंदिर के आसपास जमीनों की कथित अवैध खरीद से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ता संगठन ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और संपत्तियों की जांच की मांग भी की है।
इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम ने अपनी जांच पूरी कर आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार करीब 74 हजार पन्नों के आरोप पत्र में चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्र को आरोपी नहीं बनाया गया है। दोनों को गवाह के रूप में शामिल किया गया है। मामले में आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है।
एसआईटी की जांच में चंपत राय की भूमिका को लेकर अलग-अलग आरोपों की जांच की गई। जांच के दौरान उन्हें मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को सूचना देने और जांच में सहयोग करने वाले गवाह के रूप में भी दर्ज किया गया है।
अब अखिल भारत हिंदू महासभा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 2 नवंबर को सुनवाई होगी। अदालत के समक्ष याचिकाकर्ताओं की ओर से लगाए गए आरोप और मामले में अब तक हुई जांच से जुड़े तथ्यों पर सुनवाई के दौरान चर्चा हो सकती है।
गौरतलब है कि चंपत राय के खिलाफ लगाए गए आरोप फिलहाल आरोप हैं; उन्हें लेकर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं हुआ है। वहीं एसआईटी के दाखिल आरोप पत्र में उन्हें आरोपी के बजाय गवाह के रूप में रखा गया है।


