32 C
Lucknow
Thursday, October 1, 2026

सीएमओ की पहल रंग लाई, 41 स्वास्थ्यकर्मियों की ट्रेनिंग के बाद 16 केंद्रों पर शुरू हुआ सुरक्षित प्रसव

Must read

 

 

– मातृ मृत्यु दर में कमी और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग की पहल

फर्रुखाबाद। जनपद में मातृ मृत्यु दर को कम करने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग की पहल अब धरातल पर दिखाई देने लगी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में 32 एएनएम और 9 स्टाफ नर्स समेत कुल 41 स्वास्थ्यकर्मियों को प्रसव संबंधी विशेष प्रशिक्षण दिया गया। पांच बैचों में प्रशिक्षण पूरा होने के बाद जिले के 16 स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव सेवाएं शुरू कर दी गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बढ़ने से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को अब अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव की सुविधा मिल सकेगी।
स्वास्थ्यकर्मियों को चरणबद्ध तरीके से पांच बैचों में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। पहले बैच का प्रशिक्षण 13 से 21 अगस्त 2026, दूसरे बैच का 23 से 31 अगस्त, तीसरे बैच का 1 से 8 सितंबर, चौथे बैच का 10 से 18 सितंबर तथा पांचवें और अंतिम बैच का प्रशिक्षण 20 से 28 सितंबर 2026 तक हुआ।
प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षित प्रसव, प्रसव के दौरान आवश्यक सावधानियों और जटिल परिस्थितियों में समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के बाद जिले के 16 स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव सेवाओं की शुरुआत की गई है। इनमें कमालगंज के महकपुर बीजल एवं मानपट्टी, राजेपुर के पिथनापुर, कुबेरपुर कुड़रा, दौलतपुर चकई, दहेलिया एवं नगला हंसा, शमशाबाद के खिनमिनी, मोहम्मदाबाद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिरौली, नवाबगंज के पहाड़पुर, सिरमौरा बांगर, बराबिकू एवं दूधेई सलेमपुर, कायमगंज के पितौरा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिलसड़ी तथा नगरीय क्षेत्र का नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवदिया शामिल हैं।
नगरीय क्षेत्र में नवदिया में प्रसव सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। वहीं आने वाले समय में नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आईटीआई में भी प्रसव सेवाएं शुरू करने की तैयारी है। इससे शहरी क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को भी नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर मातृ मृत्यु दर में कमी लाना है। प्रशिक्षित एएनएम और स्टाफ नर्स की उपलब्धता बढ़ने से गर्भवती महिलाओं को नजदीक ही सुरक्षित प्रसव की सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से प्रसव सेवाएं उपलब्ध होने से अप्रशिक्षित दाइयों के जरिए प्रसव कराने की प्रवृत्ति को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही महिलाओं को असुरक्षित परिस्थितियों में प्रसव कराने के लिए निजी नर्सिंग होम पर निर्भरता भी कम होगी।
प्रसव के दौरान किसी प्रकार की जटिलता सामने आने पर स्वास्थ्य केंद्र से समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने और आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य केंद्र के लिए रेफर करने की व्यवस्था भी की जा सकेगी।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article