– 15 मिनट के मौन चिंतन और शंखध्वनि से प्रेम, शांति व एकता का संदेश
उरई। विश्व शांति दिवस के अवसर पर मौन साधना परिवार की ओर से प्रेम, शांति और विश्व एकता का संदेश देने के लिए शांति यात्रा निकाली गई। कुइयां रोड स्थित मौन साधना देवस्थान से सुबह नौ बजे शुरू हुई यात्रा कलेक्ट्रेट पहुंची। यात्रा में शंखध्वनि के माध्यम से विश्व में प्रेम, भाईचारे, शांति और एकता का संदेश दिया गया।
मौन साधना परिवार के अनुसार पिछले 79 वर्षों से मौन साधना का अभियान चलाया जा रहा है। इसमें प्रतिदिन निर्धारित समय पर लोग करीब 15 मिनट मौन रहकर निज हित चिंतन करते हैं। इसके बाद करीब 12 मिनट शंखध्वनि के माध्यम से सकारात्मकता और शांति का संदेश प्रसारित किया जाता है।
यात्रा में देश के विभिन्न क्षेत्रों से मौन साधना से जुड़े साधकों ने भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि मौन निज हित चिंतन का उद्देश्य व्यक्ति के भीतर प्रेम, करुणा, सहिष्णुता और शांति की भावना विकसित करना है, ताकि इसका प्रभाव परिवार और समाज के माध्यम से व्यापक स्तर पर पहुंचे।
इसके बाद कुइयां रोड स्थित लोधी धर्मशाला में दोपहर दो बजे से सर्वधर्म सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें सर्वधर्म प्रेम, मानव एकता और विश्व शांति का संदेश दिया गया। शाम तक प्रवचन और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से विश्व शांति और एकता के विषय पर विचार रखे गए।
आयोजकों ने कहा कि अभियान का उद्देश्य किसी धर्म, जाति या समुदाय विशेष का प्रचार करना नहीं, बल्कि मानवता, सर्वधर्म प्रेम और विश्व एकता की भावना को बढ़ावा देना है। मौन साधना परिवार का संदेश है— “दान-दक्षिणा नहीं चाहिए, केवल 15 मिनट का समय चाहिए।”


