जीएसटी जागरूकता और पंजीकरण विस्तार पर विशेष जोर
फर्रुखाबाद। राज्य कर विभाग द्वारा शनिवार को जनपद में व्यापारी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करना, जीएसटी से जुड़े नियमों की जानकारी देना तथा अधिक से अधिक व्यापारियों को जीएसटी पंजीकरण से जोड़ने के लिए जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में व्यापारियों, उद्योग संगठनों, अधिवक्ताओं, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और विभागीय अधिकारियों ने भाग लेकर विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यालयाध्यक्ष विपिन कुमार नाग ने कहा कि राज्य कर विभाग की प्राथमिकता केवल राजस्व संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि जीएसटी करदाताओं को विधिक प्रावधानों की सही जानकारी उपलब्ध कराना, उनकी व्यावहारिक समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना तथा व्यापार को सरल और सुगम बनाना भी विभाग का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने व्यापारियों से विभाग द्वारा संचालित जागरूकता अभियानों का लाभ उठाने की अपील की।
बैठक में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986 के तहत प्रतिबंधित प्लास्टिक मांझा, धातु लेपित एवं नायलॉन मांझा के निर्माण, भंडारण, उपयोग और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे प्रतिबंधित मांझे से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए इसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान जीएसटी 2.0 के अंतर्गत किए गए महत्वपूर्ण सुधारों, ऑनलाइन सेवाओं, करदाताओं को मिलने वाली सुविधाओं तथा नए व्यापारियों के पंजीकरण की प्रक्रिया पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने व्यापारियों से समय पर रिटर्न दाखिल करने, नियमों का पालन करने और किसी भी समस्या की स्थिति में विभाग से संपर्क करने की अपील की।
इस अवसर पर व्यापार मंडल, उद्योग संगठनों, अधिवक्ता संघ, चार्टर्ड अकाउंटेंट संगठन सहित विभिन्न हितधारकों ने अपने सुझाव भी रखे। विभाग की ओर से उपायुक्त हिम्मत सिंह, एस.के. गौतम, अमित त्यागी, सहायक आयुक्त शरद प्रताप सिंह, मनोज कुमार मिश्रा, आलोक कुमार राय सहित राज्य कर विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विभाग और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सरल बनाना रहा।


