फर्रुखाबाद, 11 जुलाई। जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से शनिवार को नवाबगंज थाने में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में थाना समाधान दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतें सुनते हुए संबंधित विभागों को निष्पक्ष, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। विशेष रूप से राजस्व एवं पुलिस विभाग से जुड़े संयुक्त मामलों का मौके पर पहुंचकर संयुक्त रूप से निस्तारण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा शिकायतकर्ता की संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
थाना समाधान दिवस के दौरान भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले, आपसी विवाद तथा अन्य स्थानीय समस्याओं से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों की नियमानुसार जांच कर निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण करने और लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने विकासखंड नवाबगंज स्थित गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने गौवंशों के लिए उपलब्ध हरे चारे, भूसे, पेयजल, छायादार व्यवस्था और साफ-सफाई की स्थिति का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी संरक्षित गौवंशों को समय से पर्याप्त मात्रा में चारा एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच कराई जाए। किसी भी पशु के बीमार होने पर तत्काल उपचार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
डीएम ने गौशाला परिसर की स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए नियमित सफाई, जल निकासी और कीट नियंत्रण के प्रभावी प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने गौशाला के अभिलेखों का भी निरीक्षण किया और गौवंशों की संख्या तथा उनके रखरखाव से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने कहा कि गौ आश्रय स्थलों का संचालन शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप होना चाहिए। यदि व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारी, संबंधित उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।


