राजेपुर, फर्रुखाबाद। रामगंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने गंगा पार क्षेत्र के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। डबरी गांव के आसपास तक नदी का पानी पहुंचने से सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं। खेतों में पानी भरने से किसानों को फसल बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है। वहीं, कई गांवों में पहले से भरा बाढ़ का पानी लोगों की आवाजाही में बाधा बना हुआ है।
ग्रामीण सर्वेश, राहुल, सुमित, जगराम और महिपाल ने बताया कि रामगंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है। पानी खेतों में फैलने से खड़ी फसलें डूब गई हैं। डबरी गांव के करीब तक पानी पहुंचने के बाद ग्रामीणों में भी दहशत बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो बाढ़ का असर आबादी तक पहुंच सकता है।
गंगा का जलस्तर फिलहाल स्थिर बताया जा रहा है, लेकिन चित्रकूट, अंबरपुर, सबलपुर, कंचनपुर, हमीरपुर और सोमवंशी समेत कई गांव अब भी बाढ़ के पानी से घिरे हैं। राजेपुर के केशवनगर में भी पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों को कई जगह पानी में घुसकर ही जरूरी काम के लिए बाहर निकलना पड़ रहा है।
बाढ़ ने इंसानों के साथ पशुओं के सामने भी चारे का संकट खड़ा कर दिया है। ग्रामीण घनश्याम, कल्लू, जगराम और महेश ने बताया कि गांव के चारों तरफ पानी भरा होने के कारण आसपास हरा चारा उपलब्ध नहीं है। पशुओं के लिए चारा जुटाने को उन्हें करीब 10 किलोमीटर दूर साइकिल से जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार जलभराव के कारण खेती-किसानी के साथ रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हो रही है। फसलें डूबने से किसानों को आर्थिक नुकसान का डर है, जबकि पशुपालकों के सामने चारे की व्यवस्था करना चुनौती बन गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और पशुओं के लिए चारे की तत्काल व्यवस्था कराने की मांग की है।


