विजिलेंस जांच में 2.08 करोड़ रुपये की राजस्व क्षति का खुलासा, दो पूर्व सचिव और आमिश डेवलपर्स के दो लोगों पर भी मुकदमा
लखनऊ। राज्य हज समिति की जमीन से जुड़े कथित घोटाले के मामले में विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की है। मामले में राज्य हज समिति के तत्कालीन अध्यक्ष आजम खान, दो पूर्व सचिवों समेत कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है।
विजिलेंस की जांच में जमीन के मामले में सरकारी राजस्व को करीब 2.08 करोड़ रुपये की क्षति होने का खुलासा हुआ है। जांच के आधार पर संबंधित अधिकारियों और निजी पक्ष से जुड़े लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामला लखनऊ के ऐशबाग क्षेत्र के कायमखेड़ा-दुगांवा स्थित जमीन से जुड़ा बताया गया है। आरोप है कि जमीन से संबंधित प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी और अनियमितताओं के कारण सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ।
एफआईआर में आजम खान के साथ राज्य हज समिति के दो पूर्व सचिवों को भी नामजद किया गया है। इसके अलावा आमिश डेवलपर्स से जुड़े अयूब और मुस्तकीम के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामले की जांच के दौरान जमीन के दस्तावेजों और संबंधित सरकारी प्रक्रिया की पड़ताल की गई। विजिलेंस के अनुसार सामने आई अनियमितताओं के चलते सरकारी खजाने को 2.08 करोड़ रुपये की राजस्व क्षति हुई।
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब विजिलेंस मामले में आगे की जांच करेगी। जांच के दौरान जमीन के हस्तांतरण, संबंधित दस्तावेजों, अधिकारियों की भूमिका और निजी पक्ष से जुड़े लेन-देन समेत अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है।
मामले में दर्ज एफआईआर के बाद एक बार फिर राज्य हज समिति की जमीन से जुड़ी पुरानी प्रक्रिया और उसमें शामिल अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में आ गई है।


