9 अगस्त से 9 सितंबर तक चला पंजीकरण, भूखंड पाने के लिए आवेदकों में कड़ी प्रतिस्पर्धा
लखनऊ। राजधानी में प्रस्तावित अनंत नगर योजना में भूखंड पाने के लिए आवेदकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। योजना के तहत 460 भूखंडों के लिए कुल 8,229 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस तरह औसतन एक भूखंड के लिए करीब 18 आवेदकों के बीच मुकाबला होगा।
अनंत नगर योजना के तहत भूखंडों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 9 अगस्त से शुरू होकर 9 सितंबर तक चली। पंजीकरण अवधि समाप्त होने के बाद सामने आए आवेदन के आंकड़ों ने योजना की लोकप्रियता को साफ कर दिया है।
460 भूखंडों के मुकाबले 8,229 आवेदन आने से अब पात्र आवेदकों के चयन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। औसतन देखें तो एक भूखंड के लिए करीब 17.9 आवेदन आए हैं। यानी लगभग 18 आवेदकों में से केवल एक को ही भूखंड मिल सकेगा।
योजना में आवेदन करने वालों की संख्या भूखंडों की उपलब्ध संख्या से कई गुना अधिक होने के कारण चयन प्रक्रिया को लेकर आवेदकों की निगाहें अब अगले चरण पर टिकी हैं।
9 सितंबर को पंजीकरण प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब योजना में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। आवेदनों की जांच और पात्रता के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत भूखंडों का आवंटन किया जाएगा।
अनंत नगर में भूखंड हासिल करने की उम्मीद लगाए बैठे 8,229 आवेदकों के लिए अब चयन प्रक्रिया सबसे अहम चरण होगी। राजधानी में आवासीय भूखंडों की मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उपलब्ध 460 भूखंडों के मुकाबले करीब 18 गुना आवेदन पहुंचे हैं।


