फर्रुखाबाद। भोलेपुर स्थित डॉ. एसपी सिंह हॉस्पिटल में प्रसव के बाद एक प्रसूता की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सक एवं कर्मचारियों पर उपचार में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि प्रसूता की मौत हो जाने के बाद भी अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारियों ने एंबुलेंस बुलाकर शव उसमें रखवा दिया तथा परिजनों से महिला को रेफर किए जाने की बात कही गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच पड़ताल की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बताया गया कि पड़ोसी जनपद हरदोई के शाहाबाद निवासी अंजलि पुत्री सर्वेश कुमार का विवाह वर्ष 2024 में फर्रुखाबाद के नवाबगंज क्षेत्र निवासी अमन जोशी के साथ हुआ था। परिजनों के अनुसार अंजलि के दो बच्चे भी हैं। अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए भोलेपुर स्थित डॉ. एसपी सिंह हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कराया गया।
परिजनों के मुताबिक अस्पताल में उपचार के दौरान अंजलि का प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि चिकित्सकीय स्तर पर बरती गई कथित लापरवाही के कारण प्रसूता की जान चली गई।
परिजनों का आरोप है कि महिला की मौत हो जाने के बाद अस्पताल के चिकित्सक एवं कर्मचारियों ने स्वयं एंबुलेंस बुलवाई और अंजलि के शव को उसमें रखवा दिया। इसके बाद परिजनों से कहा गया कि प्रसूता को दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि उन्हें काफी देर तक यह जानकारी नहीं दी गई कि अंजलि की मौत पहले ही हो चुकी है। इसको लेकर परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अस्पताल में घटना से संबंधित जानकारी जुटाई। पुलिस ने परिजनों से बातचीत करने के साथ ही मामले की जांच पड़ताल की। इसके बाद अंजलि के शव को डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय भेजा गया, जहां शव को सुरक्षित रखवाया गया।
पुलिस द्वारा शव का पंचनामा भरने की कार्रवाई की गई और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।
वहीं, प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते उचित उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय कदम उठाए जाते तो अंजलि की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रसव के बाद प्रसूता की मौत, परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का लगाया आरोप; शव एंबुलेंस में रखकर रेफर करने की कही बात


