बड़े हनुमान मंदिर में घुसा बाढ़ का पानी, रिहायशी बस्तियों तक पहुंचने लगा सैलाब; दो दिन का हाई अलर्ट
प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण बाढ़ का खतरा गहरा गया है। बांधों से पानी छोड़े जाने के चलते दोनों नदियां उफान पर हैं। बढ़ते जलस्तर के कारण संगम क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गया है और वहां के सभी प्रमुख घाट पानी में समा गए हैं।
बाढ़ का असर अब धार्मिक स्थलों पर भी दिखाई देने लगा है। रविवार सुबह से बड़े हनुमान मंदिर में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। संगम क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे पानी के कारण घाटों और आसपास के निचले इलाकों की स्थिति गंभीर होती जा रही है।
गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने के साथ ही बाढ़ का पानी अब निचले इलाकों की रिहायशी बस्तियों में भी प्रवेश करने लगा है। इससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित और संभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण आने वाले समय में नदियों के जलस्तर में और बदलाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा सके।
बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रयागराज में अगले दो दिनों के लिए हाई अलर्ट रखा गया है। प्रशासन नदी किनारे और निचले इलाकों पर विशेष निगरानी बनाए हुए है। गंगा-यमुना के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच संगम क्षेत्र से लेकर रिहायशी बस्तियों तक हालात पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।


