– 30 साल की लीज पर निजी कंसोर्टियम को जिम्मेदारी
– वृंदावन बॉटलर्स और रॉकवुड होटल्स मिलकर पूरा करेंगे अधूरा काम
– होटल-कन्वेंशन सेंटर और खेल सुविधाओं का होगा संचालन
लखनऊ। गोमतीनगर स्थित जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) के संचालन को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म होने की दिशा में है। उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने जेपीएनआईसी को निजी क्षेत्र के कंसोर्टियम को लीज पर देकर उसके संचालन का रास्ता साफ कर दिया है।
खुले निविदा प्रक्रिया के तहत वृंदावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड और रॉकवुड होटल्स एंड रिजॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के कंसोर्टियम का चयन किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों में लीज अवधि को लेकर 30 और 35 वर्ष दोनों का उल्लेख है; कैबिनेट के फैसले की रिपोर्टों में 30 वर्ष की लीज का उल्लेख है, जबकि कुछ रिपोर्टों में 35 वर्ष बताया गया है।
चयनित कंसोर्टियम अपने खर्च पर जेपीएनआईसी में बचे हुए कार्यों को पूरा करेगा। इनमें आंतरिक सज्जा, विद्युत व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा उपकरण सहित अन्य अधूरे काम शामिल हैं। इन कार्यों पर करीब 200 से 250 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके बाद दो साल के भीतर केंद्र का संचालन शुरू करने का लक्ष्य है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि इन शेष कार्यों पर अब सरकार की ओर से अतिरिक्त धन खर्च नहीं किया जाएगा। चयनित कंसोर्टियम ही निर्धारित शर्तों के अनुसार अधूरे काम पूरे करेगा और केंद्र का संचालन एवं रखरखाव संभालेगा।
जेपीएनआईसी में होटल, कन्वेंशन सेंटर, सभागार, पार्किंग और खेल सुविधाओं का संचालन निजी कंसोर्टियम द्वारा किया जाएगा। खेल सुविधाओं और क्लब की सदस्यता की व्यवस्था भी की जाएगी। सदस्यता शुल्क का निर्धारण केवल संचालक की मर्जी से नहीं, बल्कि निर्धारित समिति द्वारा किया जाएगा।
वहीं, जेपीएनआईसी के संग्रहालय खंड का नियंत्रण लखनऊ विकास प्राधिकरण के पास रहने की बात सामने आई है।
जेपीएनआईसी करीब 20 एकड़ में विकसित बहुउद्देशीय परियोजना है। इसमें 107 कमरों वाला होटल, कन्वेंशन हॉल, खेल सुविधाएं और अन्य आधुनिक सुविधाएं प्रस्तावित हैं। परियोजना का निर्माण 2013 में शुरू हुआ था, लेकिन 2017 के बाद काम रुक गया था। अब निजी क्षेत्र की भागीदारी से इसके अधूरे कार्य पूरे कराकर इसे सक्रिय करने की योजना है।


