फर्रुखाबाद। राजेपुर क्षेत्र के चित्रकूट डिप पर अभी भी करीब चार फीट पानी भरा हुआ है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग हटाए जाने के बाद छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। गहरे पानी के बीच से वाहनों के गुजरने के कारण किसी भी समय हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
बीते दिनों गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद पुलिस ने चित्रकूट डिप के दोनों ओर बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया था। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। पिछले तीन दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार कमी आने के बाद पुलिस ने दोनों तरफ की बैरिकेडिंग हटा दी। बैरिकेडिंग हटते ही वाहन चालक डिप से होकर निकलने लगे।
हालांकि, डिप पर अभी पानी की गहराई करीब चार फीट है। सड़क के ऊपर पानी भरा होने के कारण वाहन चालकों को रास्ते की स्थिति और गहराई का सही अंदाजा नहीं हो पा रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के साथ छोटे वाहनों के पानी में फंसने या बहने का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा की दृष्टि से पानी पूरी तरह उतरने तक आवागमन रोकने और दोबारा बैरिकेडिंग लगाने की मांग की है।
इधर, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी है। चित्रकूट क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित लोगों के ठहरने के लिए रामनिवास महाविद्यालय में शरणालय बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी प्रभावित गांवों में कैंप लगाकर ग्रामीणों को दवाएं वितरित कर रही हैं और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जलस्तर कम होने के बावजूद डिप पर पानी अभी काफी गहरा है। ऐसे में जल्दबाजी में बैरिकेडिंग हटाना वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
राजेपुर थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने बताया कि गंगा का जलस्तर अभी बढ़ा हुआ है। सुरक्षा को देखते हुए चित्रकूट डिप पर जल्द दोबारा बैरिकेडिंग कराई जाएगी।


