दलित प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और हिरासत में नेता की पिटाई के आरोपों के बाद कार्रवाई
मेरठ। दलित प्रदर्शनकारियों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विवादों में घिरे मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय को हटा दिया गया है। उन्हें पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। कार्रवाई के बाद मेरठ पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि एसएसपी के खिलाफ दलित प्रदर्शनकारियों पर लाठी चलाने और हिरासत में लिए गए एक दलित नेता के साथ कथित मारपीट के आरोप सामने आए थे। घटना को लेकर दलित समाज और विभिन्न संगठनों में नाराजगी जताई गई थी।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर आरोप लगाया गया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठी का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा हिरासत में लिए गए दलित नेता की कथित पिटाई का मामला भी सामने आया।
मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। दलित संगठनों और प्रदर्शनकारियों में बढ़ती नाराजगी के बीच शासन स्तर पर कार्रवाई की गई।
शासन के निर्देश पर एसएसपी अविनाश पांडेय को मेरठ से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। कार्रवाई को प्रदर्शन के दौरान पुलिस के रवैये और सामने आए आरोपों से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि आरोपों की वास्तविकता और पूरी घटना की परिस्थितियों को लेकर संबंधित स्तर पर जांच की स्थिति महत्वपूर्ण होगी। कार्रवाई के बाद मेरठ में नए एसएसपी की तैनाती को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
एसएसपी को हटाए जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में कथित लापरवाही या ज्यादती के आरोपों की जांच में आगे क्या सामने आता है।


