रामपुर से दिल्ली तक 10 ठिकानों पर कार्रवाई
रामपुर। सपा नेता आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार सुबह आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी समेत रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली के करीब 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। कार्रवाई सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई। जौहर यूनिवर्सिटी पहुंची ईडी की टीम में करीब 15 अधिकारी शामिल हैं। परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
ईडी की टीम यूनिवर्सिटी और जौहर ट्रस्ट से जुड़े दस्तावेजों तथा वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। सहारनपुर में ट्रस्ट से जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट दीपक गुप्ता के कार्यालय और आवास पर भी टीम ने छापा मारा है। बताया जा रहा है कि जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की जा रही है।
जांच एजेंसी को आशंका है कि सरकारी ठेकों से प्राप्त रकम को कथित तौर पर जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ट्रस्ट तक पहुंचाया गया। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी ठेकों का पैसा किन लोगों और कंपनियों के माध्यम से ट्रस्ट या यूनिवर्सिटी तक पहुंचा और उसका इस्तेमाल किन मदों में किया गया।
छापेमारी के दौरान जौहर यूनिवर्सिटी में नियमित कक्षाएं चलती रहीं। छात्रों को पहचान पत्र की जांच के बाद परिसर में प्रवेश दिया गया, जबकि अभिभावकों के प्रवेश पर रोक रही। यूनिवर्सिटी के बाहर सुरक्षा के लिए 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
जौहर यूनिवर्सिटी पहले भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दायरे में रह चुकी है। जुलाई 2019 में ईडी ने यूनिवर्सिटी में तलाशी लेकर दस्तावेज जब्त किए थे। सितंबर 2023 में आयकर विभाग और ईडी ने आजम खान के आवास तथा यूनिवर्सिटी से जुड़े ठिकानों पर कई दिनों तक छापेमारी की थी।
इधर, 15 जुलाई को रामपुर के जिलाधिकारी ने यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण का हवाला देते हुए ध्वस्त करने का आदेश दिया था। हालांकि, मुरादाबाद के कमिश्नर की अदालत ने इस आदेश पर रोक लगा दी थी। मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है।
ईडी की ताजा कार्रवाई के बाद जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खान से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है। फिलहाल एजेंसी की ओर से छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों या किसी अन्य कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।


